हजारों उलझने राहों में और कोशिशे बेहिसाब। इसी का नाम है जिन्दगी चलते रहिए जनाब। बहुत खूब कहा किसी ने यह जनाब। मुझ से ज्यादा इस बात कौन चल कसमझेगा। मेरी राहों में इतने कांटे आये की हिल गई मैं पर चलते रहने का नाम ही जिन्दगी है यह सोच चल पड़ती बार बार।कौन बनेगा करोड़पति प्रोग्राम देखा और उसमें गुड़गांव के एक वीर नवीन गुलिया को अपाहिज हो ने के बाद भी हिम्मत से समाज सेवा करते देखा और उनके बारे में सुना उनसे बहुत प्रेरणा मिली। इनसे यह प्रेरणा मिली अपाहिज शरीर से हो मन से नहीं। अभी ISRO की असफलता पर प्रधानमंत्री का पुरी चन्द्र यान दितीय टीम का साहस बढ़ाना बहुत प्रेरणा दायक है ।असफलता हमेशा हमारे रास्ते में आती है पर सफलता उसके बाद मिलती है । हम होंगे कामयाब एक दिन मन में है विश्वास।हम किसी से खुशियों मांगे यह हमें मंजूर नहीं। मांगी खुशियों से कब किसी का भला होता है।एक गाना याद आ जाता है… चल अकेला चल अकेला चल अकेला तेरा मेला पीछे छुटा राही चल अकेला।

क्या युद्ध हमें देख रहा है

एक उपन्यास में लियोन टाटसकी का लिखना था–युद् मे भले आपकी रूचि न हो पर युदध आपको देख रहा है। यह सब मैं इस लिए लिख रही हूं कि पाकिस्तान अब बुरी तरह से बोखलाया हुआ है और पहले ही हम पर चार युद्ध थोप चुका है। हमारी सरकार को बहुत सावधान रहना होगा। पाकिस्तान की युद्ध आसक्ति फिर से जोर मारने लगी है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने संसद में परमाणु युद्ध की धमकी दे डाली और जब अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा कि कश्मीर का मामला भारत और पाकिस्तान का आपसी मामला है तो पाकिस्तान बुरी तरह बौखला गया और उसने सारी दुनिया को धमकी दे डाली और कहा कि युद्ध का अंजाम पुरे विश्व को भुगतना पड़ सकता है। और उसने तो यहां तक कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ मुस्लिमों पर ज़ुल्म के मामले में खामोश रहता है। इमरान कितना भी अकड़ ले पर हकीकत में वो एक कमजोर प्रधानमंत्री है और हर दिन अलग बयानबाजी कर अकडता रहता है। पाकिस्तान प्रधानमंत्री का सेना अध्यक्ष बाजवा से जुगलबंदी देखने को मिली।यह गठजोड़ संशय पैदा करता है क्योंकि पाकिस्तान जन्मजात सनशयशील मुलक है । पर युद्ध से भला किसी का नहीं हुआ । धार्मिक आधार पर जिन्ना बेशक अलग मुल्क बनाने पर सफल हो गए थे पर यह राष्ट्र खुद को 25 साल बाद भी संगठित रख नहीं पाया।

1980 दशक के शुरुआती में पाकिस्तान की प्रति व्यक्ति आय भारत से ज्यादा थी पर ,पड़ोसीयो से छदम युद्ध लड़ने के कारण अर्थव्यवस्था लुढ़कती चली गई। पाकिस्तान ने आत्मघाती दस्ते बना कर उन्हें जेहादी रोजगार का जरिया बना दिया। भारत में इस के विपरित हुआ । भारत ने दुनिया को अपनी अंदरूनी तरक्की का लोहा मनवा दिया । भारत की इस पृगशिलता का विश्व बिरादरी पर अच्छा प्रभाव हुआ और इमरान खान के प्रमाणु युद्ध की धम कियो का विश्व पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। भारत ने बालाकोट हमले के जरिए यह साबित कर दिया कि परमाणु युद्ध की धमकी पाकिस्तान की मनमानी का जरिया नहीं बन सकती। इसी महिने दि्वतीय विश्व युद्ध को 74 बरस पुरे हो रहे हैं। यह सब लिखने का प्रयास यह कि युद्ध सिर्फ तबाही लाता है और हमारा पड़ोसी पाकिस्तान बौखलाया बैठा है और हमें सावधान रहना होगा।

बिन मां के मायका

आज मैं ने एक कहानी पढ़ी इस शीर्षक सेओर मुझे अच्छी लगी। मैं ने बचपन से अपनी मम्मी को सबसे हिचकते देखा। पापा का स्वभाव गर्म हो ने के कारण मम्मी अपने मन की कभी न कर पायी।और हम बहन भाई भी उन की तरफ से लापरवाह रहे। पर शादी के बाद मुझे उनकी स्थिति समझ आयी। जब मुझे भी शादी के बाद अपने मन का कुछ नही करने दिया ससुराल में।पर जब मैं परेशान हुई तो मम्मी ने सदा समझाया कि अपने बड़ों और पति की बात सुनकर चलो। उन्होंने कभी हमारी गलती को बढ़ावा नहीं दिया।पर उनकी हम अन्तिम इच्छा भी पूरी नही कर पाये।उन जाने के बाद मुझे उनकी कमी का अहसास हुआ। मायका तो मां के ना रहने के बाद दिल से दूर हो गया।वो बच्चों की हर छुट्टी में फोन कर मायके बुलाना और गर्म हलवा खिलाना और हम भी ससुराल से थक कर उन पर हुक्म चलाते। वो अपने मन की बात ना कह पाई ना कर पाई।जब भी मैं बिमार हुई हस्पताल में मेरी देखभाल मम्मी ही करती थी।आज भी जब उनको दुनिया से गए 8 साल हो गए तो जब भी मैं बीमार या परेशान होती हूं तो मम्मी मुझे मेरे सपनों में दिखती है और उनका वो भोला और शान्त चेहरा मेरी नज़रों के सामने आ जाता है और मुझे बहुत सहारा मिलता है।है एक कर्ज जो सब पर उधार रहता है।वो मां का प्यार जो सब पर उधार रहता है। मां कभी कोई चीज बेकार नहीं कर ती है।वो समेटती है, संभालती है,बनाती है और सजाती है।मायका मां के बिना अधूरा और खाली है। वक्त रहते कदर करो मां कि वरना एक बार जो भगवान के पास चला जाता है वो लोट के नहीं आयेगा कभी। मां तुझे सलाम।

Jiwan ki antim yatra

आज अरूण जेटली की अन्तिम यात्रा को TV पर करीब से देखा। पहले मैं यह सब देखती थी तो डर जाती थी पर मैंने मौत को करीब से देखा और मौत का भय नहीं रहा। कैसी शान्ति थी अरूण जी के चेहरे पर।हर कोई यही अंत चाहता है अपनी जिंदगी का।जब अपनी सब जिम्मेदारी पूरी हो जाये तो भगवान से यही प्रार्थना है इतना वक्त दे मुझे। पहले बेटी चली गई पढ़ने अब बेटा पड़ने जा रहा है अकेली पड़ गई हूं।बस इतना वक्त मिल जाए मुझे कि मैं जीवन में इनको सफल होते देख सकूं। जैसे मेरी मां अपनी जिम्मेवारी निभा कर गयी और अब सब अपने घर में व्यस्त हैं और खुश हैं ।आ

जीवाश्रम की यात्रा

आज मैं नीरजा गुप्ता अपनी बेटी के साथ जीवाश्रम में केस स्टडी के लिए गई । बहुत अच्छा बना हुआ है यह जीव अस्पताल जो राजोकरी में है । यह बहुत साफ सुथरा और ठीक अवस्था में है।कुछ वर्षों पहले तक मुझे कुतौ से बहुत डर लगता था । पर अपने घर पर लैबरा को पाला तब मेरा डर खत्म हो गया।मेरा डोगी जिसको हम Jerry बुलाते हैं वो बहुत शरारती ओर प्यारा है। हमने खुल कर जानवरो के डाक्टर से बात की।यह ब्लॉग लिखने का मेरा मकसद हैकि हमें थोड़ा वक्त निकाल कर जानवरो की भी सेवा करना चाहिए। कुछ दान कर के मन संतुष्ट हुआ। अपने लिए हम सब जीते हैं पर बेजुबान जानवरों के लिए हम सबको मिलकर सहायता करनी चाहिए।मेरी बेटी का ध्यान इस तरफ है और उसे जानवरो से बहुत लगाव है स्पेशली कुत्तों से। उसने ही मुझे श्री राह दिखाई। दान तो सब करते हैं पर यह थोड़ा अलग है।

Do one thing before you dying

KYon likha maine yeh heading or Kya sochti huin main.maine bahut karib se maut dekh liya or ab Marne se dar nahi lagta bas kuch responsibility pori karna chahti huin apni.mere Bache responsible ho Gaye hai or dono ki marriage karna chahti huin or Rajiv ko unke profession main top per dekhna chahti huin.bas ek tamna hai Jo bhagwan pori ker de.sehat kho di Maine per apno ke healthy rahne ki abhilasha karti huin. MAY GOD BLESS YOU MY DEARS.

Sushma ji ke sath yug khatam ho gaya

Sushma ji aap ke jaane se ek yug khatam ho gaya. Maine bachpan se BJP kA hi samarthan kiya kyonki Ghar main jansanghi mahol tha.Tab sushma ji rajniti ka sitara ban chamki.jab Haryana main mahilaon ka politics main aana acha nahi Mana jata tha tab sushma ji ne naya chapter likha. Ek prakhar vakta or hazirjawabi ki wo misal thi.Desh videsh main unka bada naam hai .wo mahilaon ke liye ek example ban gayi.hum sab ko sushma ji per Abhiman hai.aaj sab baat likh ker main sushma ji ko shranjali de rahi huin. Bhagwan unki aatma ko Shanti de. OM SHANTI.